आज विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान तकनीशियन (टीजी–2) संवर्ग के संदर्भ में अध्यक्ष महोदय द्वारा दलाल जैसे शब्द का सार्वजनिक प्रयोग किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, अमर्यादित एवं अशोभनीय है। विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ उत्तर प्रदेश इस प्रकार की टिप्पणी का स्पष्ट एवं कड़ा विरोध करता है।
सार्वजनिक मंच से पूरे तकनीकी संवर्ग को इस प्रकार संबोधित करना हजारों कर्मठ तकनीशियन साथियों के मान सम्मान, गरिमा और आत्मसम्मान पर आघात है। यह प्रशासनिक मर्यादा एवं सेवा मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
प्रदेश के तकनीशियन कर्मचारी विषम मौसम, जोखिमपूर्ण एवं जानलेवा परिस्थितियों में दिन-रात कार्य करते हुए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखते हैं। उपभोक्ता शिकायतों (1912, IGRS आदि) का त्वरित निस्तारण, राजस्व कार्यों की सुनिश्चितता तथा फील्ड से जुड़े समस्त तकनीकी दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और ईमानदारी के साथ करते है।
तकनीशियन पद विभाग की सबसे जिम्मेदारी भरी एवं जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि किसी स्तर पर प्रशासनिक विसंगति है तो उसका समाधान संस्थागत प्रक्रिया से किया जाना चाहिए न कि संपूर्ण संवर्ग को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करते हुए।
संघ प्रदेश के सभी तकनीशियन साथियों के समर्पण, परिश्रम और साहस का अभिनंदन करता है तथा उनके सम्मान और गरिमा की रक्षा को सर्वोपरि मानता है।
संघ द्वारा पूर्व में भी संघ सदस्यों की समस्याओं से अवगत कराते हुए कहा जा चुका है कि तकनीशियन कर्मचारियों को उसके मूल पद पर तैनात कर तकनीशियन का कार्य लिया जाए।
संघ इस अवैधानिक शब्द के प्रयोग को शीघ्र अतिशीघ्र लिखित में माफी नहीं मांगी गई तो विधिक एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत आंदोलन करने हेतु बाध्य होगा जिससे उत्पन्न होने वाली अशांति की संपूर्ण जिम्मेदारी उच्च प्रबंधन की होगी।

